Posts Tagged ‘स्वदेश दीपक’

कॉलेज से लौटा तो मां बरामदे में बिछे तख्तपोश पर सोई हुई थी। वह मुंह पर दुपट्टा लपेटे जब चाहे, जहां चाहे सो जाती है। कई बार...

(स्वदेश दीपक के मशहूर नाटक कोर्टमार्शल का एक अंश) बिकाश राय: (दबी हुई आवाज़ में बोलना शुरू करता है) सरकारी वकील मेजर पुरी...