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पवन गोयल  एक पार्ट टाइम लेखक हैं, “आज सिराहने ” सोशल ग्रुप पर उनकी कुछ रचनाएँ प्रकाशित हो चुकी हैं, वह मानते हैं कि कहानी हमेशा सत्य पर आधारित होनी चाहिए। राइटिंग प्लेटफ़ॉर्म  पर प्रकाशित  ब्लाइंड डेट उनकी पहली लघु कहानी है।

संपादकीय नोट: ब्लाइंड डेट  दो ऐसे प्रेमियों की कहानी है जो दुनिया को अपनी आँखों की रौशनी से देखने की क्षमता भले ही ना रखते हो, पर प्रेम को जितना उन्होंने एक दूसरे के साथ जीया, उतना शायद दुनिया को आँखों से  देखने वाले किसी अन्य प्रेमी जोड़ी ने  भी नहीं ।

आपने अपनी कहानी के लिए इस आँखों देखी प्रेम कहानी को ही क्यूँ चुना ?

क्योंकि तथ्य और सत्य से गढ़ी हुई कहानियाँ सीधे पाठकों से संवाद करती हैं जबकि कल्पना से रची गई कहानियाँ अक्सर कोई न कोई सवाल छोड़ देती हैं। कहानियाँ और उनके पात्र हमारे आस पास ही होते हैं, दुनिया की भीड़ में और हमें केवल कहानी को उन पात्रों से मिलाना भर होता है। पात्र खुद भी कहाँ जानते हैं कि वो किसी कहानी में हैं वो तो इसे ही अपनी ज़िन्दगी मान लेते हैं, जैसे मूर्ति को कहाँ पता होता है कि वो पत्थर में है पर एक मूर्तिकार तो जानता है। कल्पना से महाग्रंथ लिखे जा सकते हैं पर कहानियाँ तो आँखों देखी ही हो सकती हैं।

आपकी नज़र में प्रेम का क्या अर्थ है ?

यद्यपि प्रेम कोई नज़रिया नहीं है किंतु मेरे लिए प्रेम का अर्थ है जो जैसा है उसे वैसा स्वीकार करना और जो जैसा नहीं है उसे वैसा ही स्वीकार करना। लोग अक्सर प्रेम के आयाम ढूँढने में लगे रहते हैं जबकि मैं कहता हूँ कि प्रेम नैसर्गिक है या कहूँ तो ये हम जीवों में हार्डवायर्ड है इसलिऐ ही तो बेज़ुबान जानवर से लेकर हम बोल सकने वाले जानवरों की पहली अनुभूति प्रेम है जो गर्भ में ही मिल जाता है।

हिंदी में नए लेखकों का क्या भविष्य है ?

भविष्य तो वही होता है जिसकी घोषणा हम वर्तमान में करते हैं अगर मैं उसे उज्जवल कहूँगा  तो वह उज्जवल होगा और अंधकारमय कहूंगा तो अंधकारमय। लेखक जो कितने ही पात्रों का भविष्य और भाग्य बदलने की ताक़त रखता है वो क्या स्वयं का भविष्य नहीं लिख सकता? महत्वपूर्ण ये है कि वह अपना भविष्य पैसे को मानता है, प्रसिद्धि को या अपनी रचनात्मक संतुष्टि को तब उसे वही मिलेगा जो वो भविष्य में चाहेगा या तो पैसा या प्रसिद्धि या संतुष्टि। अगर संतुष्टि चाहिए तो पहले दो न भी हों तो भविष्य की चिंता होती भी नहीं है।

अपनी कहानियों में आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज़ क्या होती है ?

सत्य। मैं प्रयास करता हूँ कि वो लिखूं जो ख़ुद जिया हो या कम से कम घटते हुए देखा तो हो वरना आप कितने ही जीवंत चरित्र रचो, कितनी ही प्रभावी दृश्य रचो और कितना ही वृहद ग्रंथ लिखो फ़िर भी न तो आप उससे संतुष्ट होते हैं न पाठक। आप पात्र को कल्पना से ईश्वर तो बना सकते हैं किंतु उसे मानव रख पाना बेहद मुश्किल काम है जो केवल सच लिखकर ही संभव है।

नए हिंदी लेखकों के लिए क्या कहना चाहेंगे ?

यही कि मैं ख़ुद ही नया हूँ तो नये में पुराना होने कि संभावना हर क्षण होती है। अतः प्रतिक्षण नया होते रहना ही होगा। नया होने का अर्थ सुधार करना या प्रयोग करना नहीं होता स्वयं को शून्य करके खुद की ही पुनर्रचना करना होता है। जैसे एक प्रसिद्द लेखक केवल युवा पात्र को लेकर ही उपन्यास लिखते हैं, कहानी नई है, नाम नये हैं, पात्र भी नये हैं पर वो ख़ुद तो पुराने ही रह जाते हैं ख़ुद को दोहराते हुए।

आप जगरनॉट के प्लेटफर्म तक कैसे पहुंचे ?

कमल उपाध्याय और रूचि कोकचा ने ट्विटर पर अपनी किताबों के लिंक साझा किये बस वहीं से ये प्लेटफार्म मिला।

इस रचना से पहले क्या आपकी कोई कहानी प्रकाशित हो हुई है ?

सिराहने करके एक ग्रुप था वहां कुछेक प्रतियोगिता में विषय आधारित कहानियाँ लिखी हैं। सौभाग्य है कि आपको मेरी कहानी प्रकाशन योग्य लगी और संपादक मंडली का कृतज्ञ हूँ कि उन्होंने इसे चुना। मेरा कोई व्यवसायिक अनुभव नहीं है न ही मैंने साहित्य की औपचारिक शिक्षा ली है इसलिऐ हिम्मत भी नहीं हुई कि कहीं प्रकाशन हेतु भेजूं। मुझे प्लेटफोर्म देने के लिए  जगरनाॅट बुक्स का आभार और धन्यवाद!

जगरनॉट के राइटिंग प्लेटफोर्म पर कहानी लिखने का अनुभव कैसा है ?

अच्छा रहा किंतु उत्तर मिलने में इतना समय लग गया कि अनुभव विस्मृत हो गया पर अच्छा ही रहा, हाँ अक्सर मुफ़्त वाली पुस्तकों को पढ़ लेता हूं वो अनुभव बहुत अच्छा है। आपके प्लेटफार्म पर बहुत अच्छी और प्रसिद्ध कृतियाँ उपलब्ध हैं जो सच में पाठकों के लिए बहुत उपयोगी हैं।

पवन गोयल की किताब ब्लाइंड डेट पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें 

 

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