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क्या आप कुछ ऐसा लिखने की सोच रहे हैं जिसको शहरी दौड़-भाग भरी जिंदगी के बीच पढ़ा जा सकता हो? ऐसे लेखन की हमें तलाश है. यह रूमानी प्रेम कहानी या फिर थ्रिलर हो सकता है, जादुई यथार्थ या फिर विज्ञान कथा या फिर कथेतर हो सकता है. हमारा मकसद ऐसे लेखन को हर मोबाइल रखने वाले और पढ़ने की चाहत रखने वाले व्यक्ति तक पहुंचाना है. अगर आप तैयार हैं तो हम इसमें आपकी मदद करेंगे:

1. हमें प्रस्ताव भेजते वक्त अपना ई-मेल छोटा और संक्षिप्त रखें: हमारी मुख्य रुचि आपके लेखन और आइडिया में है, न कि आपके बायोडाटा में. कोई भी प्रस्ताव सिर्फ कही जा रही कहानी के आधार पर ही चुना जाएगा.

2. दोहराव से बचें: दशकों से चले आ रहे घिसे पिटे लेखन को दोहराने के बजाए कुछ नया करें. कुछ ऐसा कि हम हैरान रह जाएं. पौराणिक और मिथकीय कहानियों को तभी लिखें, जब आप उसमें एक दिलचस्प मोड़ दे सकें.

3. थोड़े में लिखें: भाषा कसी हुई हो. गैरजरूरी ब्योरों और व्याख्याओं से बचें. एक सधी हुई और दिलचस्प कहानी की दुनिया उसके दृश्यों और संवादों में स्वाभाविक रूप से विकसित होती है. उसे पन्ने दर पन्ने की व्याख्याओं से नहीं बनाया जा सकता.

4. भाषा के रूढ़ और घिसे पिटे इस्तेमाल से बचें: इसका मतलब यह भी है कि आपके चरित्रों की पैदाइशी खूबियां और उनकी सज-धज कारगर नहीं होगी. इस पर गौर करें कि आपके महिला किरदार और अन्य चरित्र कहीं सिर्फ सजावटी तौर पर ही तो कहानी में नहीं आते. उनकी मौजूदगी की भरपूर संभावनाओं को तलाशिए. कुछ अलग सोचें. हर तरह के लोगों को अपना नायक बनाया जा सकता है.

यह अभी शुरुआत है. हम आगे भी आपके लिए ऐसे सुझाव पेश करेंगे.

अपने प्रस्ताव books@juggernaut.in पर भेजें. उपन्यास हो तो इसका प्लॉट और दो अध्याय हमें भेजें. कहानी हो तो दो कहानियां. कथेतर हो तो संक्षेप में किताब का खाका और इसके कुछ हिस्से नमूने के तौर पर भेजें. अपने बारे में संक्षेप में बताएं.

10 Comments

  1. Smita / January 27, 2016 at 7:40 pm /Reply

    Hi, I was wondering if you accept manuscripts in Hindi as well.

    • Team Juggernaut / January 28, 2016 at 9:53 am /Reply

      Hi Smita, we do accept manuscripts in Hindi. Please send us two chapters along with a synopsis and a short author bio. Thanks!

      • Braja Sorensen / February 29, 2016 at 6:41 am /Reply

        Can’t find your submissions link or address….where should we send?

  2. Ravikant Raut / February 2, 2016 at 11:36 am /Reply

    नवाचार के मुझ जैसे , हिंदी लेखकों के लिये ,आपका ये प्रयास सराहनीय है , यूं तो मैं फेस बुक जैसे सोशल मिडिया पर लगातार लिखता रहता हूं , जहां मेरा लेखन पसंद किया जाता है . मैं कवितायें , लघुकथा , लंबी कथा , फोटो-फीचर सभी विधाओं पर काम करता हूं . https://www.facebook.com/ravikant.raut.5 .

    नमूने के तौर पर अपना कुछ लेखन books@juggernaut.in पर भेज रहा हूं .

    अपने विचार से अवगत करायें , आभारी रहूंगा .

    आपका
    रविकान्त राऊत
    09981254486

    • Kailash / February 11, 2016 at 4:34 pm /Reply

      Ravikant Ji-Kuch kaam bana aapkaa yaha pe? Thanks!

      • ravikant raut / May 2, 2016 at 11:15 pm /Reply

        अब तक तो कोई हलचल नहीं , कोई फीड-बेक नहीं

  3. isha / February 10, 2016 at 11:30 am /Reply

    Hi,
    Congratulations for bringing to us the world on our desks, in a manner that is as exciting as it is, simply, fabulous! Totally love ur new office and idea of working, wish working could be as fun! :-) Our best wishes to Team Juggernaut for a very successful ride, ahead!

    btw, i was curious to know whether u would be open to accepting submissions in Hindi that would veer around poetry, or verse?

    I love writing, and am keen on writing non-fiction, perhaps. Hope to present something to you in the coming days, with a lot of help from your enriching website that would hopefully, aid in polishing my style or giving quick tips. Would get back to you on that, but please do let me know about Hindi poems, to start with!

    Thanks a ton!
    isha

    • Team Juggernaut / February 10, 2016 at 11:56 am /Reply

      hi Isha, thanks a lot! we’re currently not looking for Hindi poetry sadly, but we’re more than keen to read new Hindi prose. we’ll soon be soliciting poetry as well, though :)

  4. isha / February 10, 2016 at 12:13 pm /Reply

    Hi,
    Thanks a lot! Will keep a tab for more updates, then! Thanks!! :-)

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