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उत्कर्ष अरोड़ा पिछले छ: वर्षों से राजधानी दिल्ली में रह रहें हैं, यहाँ रहते हुए वह कविताओं, कहानियों और फिल्मों से अपने प्रेम को ख़ुद से जुदा नहीं कर पाए. इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद भी उत्कर्ष ने  बागी की तरह नौकरी छोड़, कविता-कहानी लेखन से ख़ुद को पूरी तरह जोड़ लिया.उनका सपना है कि वो ऐसे ही निरंतर कहानियां और कविताएं लिखते रहें और अपने इस शौक़ को आगे ले जा सकें .उत्कर्ष अरोड़ा जगरनॉट लेखन मंच की  “अपराध कथा’ ” प्रतियोगिता के विजेता बने हैं, उनकी विजेता कहानी इज्ज़त और लेखन पर उसने जगरनॉट  की टीम ने  बातचीत की. प्रतियोगिता के निर्णायक जज समाचार सम्पादक, लेखक अभिषेक सिंघल रहें. उत्कर्ष को जगरनॉट की ओर से बधाई.
कहानी इज्ज़त को अपराध कहानी प्रतियोगिता का विजेता घोषित किया गया है,कहानी के बारे में विस्तार से बताएं.

इज्ज़त ऐसे पात्रों की कहानी बयान  करती है जिनकी अक्सर इजाज़त लिए बिना ही, हमारा समाज उन्हें अपनी इज्ज़त घोषित कर देता है. ये कहानी एक लड़की की है जिसे उसके घरवाले अपनी इज्ज़त समझते हैं और जब उसका बलात्कार होता है तो उस ही लड़की पर अपनी और उनकी इज्ज़त लुटाने का आरोप लगाते हैं. ये कहानी एक सैनिक की है जिसे पूरा देश तो अपनी इज्ज़त मानता है लेकिन भ्रष्ट सेना और सरकार ही उसका शोषण करते हैं.

हमारा समाज लड़कियों और सैनिकों को इंसान नहीं भगवान का दर्जा देता है और हमारे इस भगवान को अपने या औरों के कुकर्म से जब चोट पहुँचती है तो हम उन्हें हमारी ये झूठी इज्ज़त गिराने का जिम्मेदार बना देते हैं.

अपराध पर आधारित लेखन के पाठक बहुत सीमित हैं, उसके बारे में आप क्या कहेंगे?

हिंदी अपराध कहानियों में पाठकों को अपनी ओर खींचने की बहुत क्षमता है पर वर्तमान में हिंदी प्रकाशन एक अव्यवस्थित क्षेत्र है जिस कारण हम रुचिबद्ध पाठकों तक आपराधिक कहानियां पहुंचा नहीं पा रहे हैं.

अंग्रेजी साहित्य में रोमांस के बाद पाठकों को अपराध शैली की कहानियां अधिकतम पसंद हैं . हिंदी साहित्य में भी ऐसा ही झुकाव देखा  जायेगा अगर हम आपराधिक कहानियों को उनके चाहने वालों तक पहुंचाएंगे, जो कार्य डिजिटल प्रकाशन से निश्चय ही संभव है.

आपके पसंदीदा क्राइम लेखक कौनकौन है और क्यों?

मुझे ओम प्रकाश शर्मा जी की जासूसी कहानियां उनके यथार्थ और कल्पना के अद्भुत मिश्रण और सुरेंद्र मोहन पाठक जी की आपराधिक कहानियां उनके पात्रों की बहुमुखी प्रतिभा के लिए पसंद हैं.

आने वाले समय में हिंदी में नए रचनाकारों का क्या भविष्य देखते हैं?

रचनाकारों  का भविष्य  पाठकों  से तय होता है और जैसा मैंने कहा, हिंदी पाठकों की कमी नहीं है. अगर हम पाठकों को हिंदी कहानियों  को पढ़ने और खरीदने  का एक सरल तरीका दें , तो बेशक हिंदी पाठकों  की संख्या घातीय रूप से बढ़ेगी.

जगरनॉट पर लेखन अनुभव कैसा रहा?

उभरते लेखकों  के लिए जगरनॉट का लेखन मंच एक बेहद उपयोगी साधन है जिससे वह अपना लेखन को इच्छुक पाठकों  तक आसानी से पहुंचा सकते हैं। जगरनॉट पर अपना लेखन  प्रकाशित  करना अत्यंत सरल  और स्पष्ट भी है। इसीलिए, मैं जगरनॉट की टीम को अपना हार्दिक आभार व्यक्त करना चाहूँगा.

आपकी आने वाली कहानियां कौन कौन सी हैं?

जगरनॉट पर मेरी हिंदी कहानियों का संकलन –युग अट्ठासियों का पिछले वर्ष प्रकाशित हुआ था. मैं अभी उसी शृंखला का दूसरी भाग लिख रहा हूँ। इसके अतिरिक्त मैं एक हास्यकर ज़ोंबी उपन्यास पर भी काम कर रहा हूँ।

उत्कर्ष अरोड़ा की किताब इज्ज़त  को पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

 

 

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