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आपकी कहानी “अब्दुल weds सोनाली” को लेखन मंच पर पाठकों के द्वारा काफी सरहना मिली हैं, हमारे पाठकों को कहानी के बारे में थोड़ा विस्तार से बताएं.

मेरे ज़ेहन में हमेशा ये बात घूमती है कि हमारी धरती एक ,आसमान एक चाँद,तारे ,सूरज  एक ,हमारे खून का रंग एक , और तो और हमारे दिल का  डिजाइन भी एक  फिर हम सबका धर्म और समाज एक  क्यों  नही है और अगर ऐसा होगा तो कब ? हम डिजीटली 5g की दुनिया में विचरण कर रहे है ।जहाँ सब अपनी भावनायें संभावनाएं एक मंच पर सांझा करते है।

जैसाकि आपकी कहानी से पता चलता हैं कि यह दो अलग अलग मज़हब के प्रेमियों की प्रेम कहानी है ? इस प्रेम कहानी को लिखने की प्रेरणा कैसे और कहाँ मिली?

लेकिन जब कभी शादी -विवाह की बात आती  है तो हम धर्म ,जात-पात  गोत्र देखते और अगर वो मेल नहीं खाते तो  संबंध स्वीकार नहीं करते ।

ऐसे में अगर लड़का लड़की शादी करने की जिद करते है तो समाज और परिवार के लोग खून -खराबे पर उतर आते है ।उस वक्त लगता है अभी हम विकास के शैष्णकाल में जी रहें हैं  सारी शिक्षा ,विज्ञान-ज्ञान, तकनीक बेमानी लगते हैं ।एक विकासशील समाज की और कदम बढा़ने का प्रयास है मेरी कहानी ।”अब्दुल weds सोनाली” कि-

“जब तक है

जहाँ में जँहा

 मेरी हर शह में “एक” का

जिक्र होगा

प्रयास का आलम होगा ये

न मैं  रूँँकू ,न मेरी कलम

तब शायद मैं बदल सकूँ

 कुछ अफसानों से कुछ बुरा अंजाम

आपकी आने वाली कहानियां कौन कौन सी है और किन विषयों पर आधारित हैं?

मेरी आने वाली कहानी “बेकाबू” है जो युवाओ के आक्रोश और दुश्परिणामों को लेकर है।जब घर निकलते युवा सपनों के पंख लगाकर खुले आंसमा की छत के नीचे पर जब आजादी से भटकाव की अंधी गलियों में घुस जाते है तब कैसे पैरों तले ज़मीन निकल जाती है?

सच कँहू तो मुझे पढ़ने का ज्यादा टाइम नही मिलता ,मेरी कहानियों की प्ररेणा प्रतियोगिताओ  के टॉपिक , आसपास की घटनाएं, और दैनिक भास्कर और उनकी किताब “आह जिंदगी” है।

जगरनॉट के लेखन मंच से जुड़ने की बाद आपका क्या अनुभव रहा?

आपके जगरनॉट प्लेटफार्म का भी मुझे दैनिक भास्कर में “चिकी सरकार“के इंटरव्यू से पता चला।

आपकी पसंदीदा लेखक -लेखिकाएं कौन-कौन है और क्यों?

हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है और अगर लेखक को राष्ट्र तक पहुंचाना  है तो उसे राष्टभाषा में ही अपने विचार साझा करने चाहिए ऐसा मेरा मानना है।

मै अपने पाठकों से आग्रह कँरूगी कि वो मेरी सारी कहानियां पढ़े और उन पर ईमानदार प्रतिक्रिया दे ताकि मैं सुधार कर सकूँँ और आगे भी लेखन के लिए उत्साहित रहूं ।

धन्यवाद

लेखिका की पूरी कहानी पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें 

 

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