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हमारे आज के लेखक मैंगी बी कॉम के स्टूडेंट है, कहानियां लिखते हैं, हिंदी में एक ब्लॉग mangi4444.blogspot.in के नाम से चलाते हैं, पढ़िए, हमारी उनसे हुई बातचीत_
‘पारिजात-एक अभागी लड़की’ को संपादक की पसंद के तौर पर चुना गया है,इसके बारे में विस्तार से बताएं.
पारिजात-एक अभागी लड़की मेरी अब तक लिखी हुई बुक में सेकंड नंबर पर फ़ेवरेट कहानी वक्त मुझे कम से कम एक महीने पहले दूसरे महान लेखकों की बुक को खगालना पड़ा था, ताकि में उन पुस्तकों से कुछ सिख सकूं और अपनी लेखन शैली को अलग ढंग से सबके सामने ला सकू.पारिजात बुक लिखने से पहले और बाद में काफी नर्वस का सामना करना पड़ा उसका कारण ” क्या मैं इस बार भी लोगो की अपेक्षा पर खरा उतर पाऊंगा या नही ? पर वो कहते है, अंत भला तो सब भला .
एक लड़की को कहानी का मुख्य पात्र बनाने का ख्याल कैसे आया?
एक लड़की को कहानी का मुख्य पात्र बनाने के ख्याल के पीछे की वजह काफी दुःखदायीं है.दरअसल में प्रॉपर राजस्थान का वासी हूँ पर पढ़ाई की वजह से अहमदाबाद की ओर रुख करना पड़ा तो जायज है कि जब भी हॉलीडे का टाइम आता तो मैं रात की ट्रेन से राजस्थान की ओर रवाना हो जाता तो ऐसे ही एक सफर में मुझे अपनी बगल की सीट में मेरी हमउम्र के अज़नबी मिल गए थे तो उनसे जान-पहचान हुई और एक दूसरे के प्रेम के बारे में भी बातचीत भी हुई. तब उन हमसफ़र भाई ने उनके प्रेम के बारे में बताया था बस उसी बातचीत के दौर से लड़की के पात्र को मुख्य पात्र बनानेका ख्याल आया .
 क्या आप लिखने के लिए किसी खास नियम को फोलो करते हैं?
जी, कुछ खास नहीं.बस कुछ बाते ध्यान में रखता हूं जैसे कि मेरी आगे वाली बुक में क्या-क्या गलतियां हुई थी वो वापस न हो.
मैं जिस टाइप की बुक लिखने को होता हूँ तो उस टाइप की बुक्स को महीनें पहले खगालना शुरू कर देता हूं और यह तलाश  कई महीने तक जारी रखता हूँ ताकि अनुभव लेकर कुछ अलग हटकर लिख सकूँ.
हिंदी में आपके पसंदीदा कवि/ कवित्री कौन कौन हैं और क्यों ?
वैसे तो मेरे पंसदीदा कवि/कवित्री कोई नही है फिर भी मुझे कवि हरिवंश राय बच्चन जी को पढ़ना अच्छा लगता है, क्योकि मुझे उनकी रचनाओं में एक हिडन फीलिंग दिखाई देती है उनकी हर एल रचना  निःस्वार्थ प्रेम को दर्शाती है.
हिंदी साहित्य में आप आने वाले लेखकों का क्या भविष्य देखते हैं?
सबसे पहले तो हिंदी भाषा का स्तर ही दिनों-दिन पिछड़ते जा रहा है, आज के नवोदित युवा लेखक भी अपनी कृति, रचना अंग्रेजी भाषा में लिखना प्रसंद करते है पर मेरी नज़र में आज भी ऐसे बहुत लेखक है जो हिंदी भाषा मे लिखना प्रसंद करते है, आज के लेखक बस प्यार पर ही लिखना ही प्रसंद करते हैं क्योंकि उन्हें चारो ओर प्यार-प्यार ही नजरें चढ़ता है. आज की तारीख़ में हिंदी साहित्य का वक्त काफी दयनीय चल रहा है अगर इस तरह ही रहा तो शायद पहली बात तो मेरी मुझे भी अपनी हिंदी कमज़ोर होती ही मालूम दिखती है.
जगरनॉट का लेखन मंच हिंदी के लेखकों के लिए किस तरह से लाभदायक है?
मुझे खुलकर बोलने की आदत है, तो आपके मंच पर भी अंग्रेज़ी किताबें  तो बहुत हैं पर आपके मंच पर एक बात काफी अच्छी लगी वो है, हिंदी लेखकों को भी अंग्रेजी भाषा के लेखकों की तरह ही देखा जाता है. उनकी कृतियों को भी काफी सलाहना मिलती है.
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