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मोहम्मद कौशेन की लिखी  ‘बदचलन ‘  कहानी को जगरनॉट बुक्स के राइटिंग प्लेटफॉर्म पर पाठकों द्वारा सबसे अधिक सराहा गया है।  जगरनॉट बुक्स मोहम्मद कौशेन को इसके लिए बधाई देता है।

कौशेन उत्तर प्रदेश के जनपद  मुज़फ्फरनगर के एक छोटे से गाँव दधेडू खुर्द के रहने वाले हैं। उन्होंने फाइनेंस और मार्केटिंग से एम बी ए किया है। वो आजकल सऊदी अरब में कार्यरत हैं।

बदचलन जैसी गंभीर कहानी लिखने के लिए आपको कहाँ से प्रेरणा मिली ?

हमारे आसपास ऐसा बहुत कुछ घटित है। जिसे हम देखते और सुनते रहते हैं। पर उस पर अपनी प्रतिक्रिया या दख़ल ये सोच कर नही देते कि यह हमारा मामला नहीं है।

भले ही वो घटना सरे-बाज़ार हो रही हो। मैं एक गाँव से हूँ, बचपन से इज़्ज़त, बिरादरी और लोक दिखावे के नाम पर ऐसी बहुत सी घटनाओ का साक्षी रहा हूँ, जहाँ हर हाल में औरत को ही हालात से समझौता करते हुए पाया है। बदचलन  भी मेरे बचपन की ऐसी ही किसी घटना की एक प्रतिक्रिया है जो शायद मैं उस वक़्त नही दे पाया था।

आपके लिए कहानी लिखने के लिए सबसे ज़रूरी चीज़ क्या होती है ?

कहानी लिखने के लिए बहुत सी चीज़े मायने रखती हैं। मेरे लिए एकांत का होना बहुत ज़रूरी है और दूसरी अहम चीज़ है कहानी का विषय और अंत। निजी तौर पर जो विचार मेरे दिमाग़ में आते है मैं उन पर स्वतन्त्र रूप से सोचता हूँ। अगर मुझे लगता है कि मुझे इस पर लिखना चाहिए तो लिखता हूँ, ये परवाह किये किए बग़ैर कि लोग इस पर क्या सोचेंगे। 

आपकी नज़र में जग्गरनॉट राइटिंग प्लेटफार्म नए लेखकों के लिए किस तरह से अलग है ?

जगरनॉट बुक्स  नए लेखकों को लिखने की स्वतंत्रता के साथ साथ, उनके लेखन के लिए पाठकों का एक बहुत बड़ा मंच प्रदान दे रहा है,एक ऐसा मंच जहाँ  पाठकों  की प्रतिक्रिया नए लेखकों का हौसला बढ़ाता है। जिससे नए अच्छा लिखने वालों को प्रेरणा मिलती है।

क्या हिंदी लेखन नए लोगो के भविष्य को सकारात्मक दिशा दे रहा है?

अच्छे लेखन ने हमेशा से समाज के लिए मार्गदर्शन का  काम किया है। ख़ासकर हिंदी साहित्य ने समाज के सकारात्मक विकास में हमेशा अहम योगदान दिया है। भले ही आज तकनीक ने हमें किताबों से थोड़ा दूर कर दिया हो फ़िर भी हम किसी ना किसी रुप मे उनसे जुड़े हुए हैं।

चाहे वो अच्छे विषय पर लिखी कोई फिल्मी कहानी, गीत या फ़िर किसी अख़बार की उम्दा रिपोर्टिंग ही क्यों ना हो। वैसे भी आज लेखकों और पाठकों के लिए पहले से अधिक साधन और अवसर उपलब्ध है आज लिखना और पढ़ना महज एक क्लिक दूर है। इसलिए मुझे लगता है कि हिंदी लेखन नई पीढ़ी को बहुत ही सकारात्मक और उज्ज्वल भविष्य की और ले जा रहा है।

कहानी लिखने के अलावा आपकी रूचि क्या है?

वैसे मेरी रुचियाँ हमेशा बदलती रहती है फिर भी कुछ ऐसी आदतें है, जो हमेशा से रही जैसे अपने बुजुर्गों से उनके बीते कल के क़िस्से सुनना, फिल्में देखना, नये पुराने गाने सुनना, दोस्तों से मिलना और सोने से पहले कुछ ना कुछ नया पढ़ना।

लेखक के रूप में आप कोई विशेष नियम अपनाते हैं?

मेरे लिए कहानी लिखना थोड़ा अलग अनुभव होता है। जब भी कोई कहानी मुझे लिखनी होती है तो मैं उसे कई रातों तक सोचता हूँ। उसके बाद उस कहानी का शीर्षक और उसका अंत पहले लिखता हूँ उसके बाद बाक़ी की कहानी लिखता हूँ।

हिंदी में आपके पसंदीदा लेखक/लेखिका कौन है और क्यों?

प्रेमचंद जी मेरे पसंदीदा लेखक है उन्होंने जिस तरह से आम जनजीवन को अपने लेखन में पिरोया है वो अद्भुत है। मैं उनकी लिखी कहानी जितनी बार भी पढ़ता हूँ,मुझे हमेशा उनमें नयापन लगता है। उनका साहित्य एक तरह से हम जैसे नए लिखने वाले के लिए एक पाठ्यक्रम की तरह है।

लेखन को लेकर कोई सलाह, जो आप साथी लेखकों के साथ साझा करना चाहते हैं?

वैसे तो मैं ख़ुद लेखन के क्षेत्र में एक छात्र हूँ। मुझे ख़ुद ही बहुत कुछ सुधार और सीखने की ज़रूरत है। फ़िर भी जो मेरे जैसे नये साथी है उनसे इतना ज़रूर कहूँगा कि जो भी लिखें दिल से लिखें और लिख कर कई-कई बार ख़ुद पढ़े । जिससे आपके लेखन में निखार आएगा। दूसरी बात यह कि हर किसी में लिखने की एक ख़ासियत होती है, अपने उसी स्टाइल को पहचान कर लिखे और अधिक से अधिक अच्छी किताबें पढ़े।

मोहम्मद कौशेन की बदचलन  को पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें 

 

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