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जगरनॉट बुक्स के राइटिंग प्लेटफार्म पर “शशशश! कोई है” (कहानी) प्रतियोगिता में हमें अनेक कहानियां प्राप्त हुई, जिनमें शुभम अरोड़ा की कहानी दिसम्बर की वह रात  इस प्रतियोगिता की विजेता रही. लेखक शुभम अरोड़ा को जगरनॉट बुक्स की ओर से विजेता बनने पर बधाई एवं शुभकामनाएं.

कहानी के बारे में: पहाड़ी शहर से दूर बीहड़ में बसे एक घर से पुलिस अफ्सर को मदद के लिए फोन आता है। ठंडी तूफानी रात में मदद पहुंचाने की ज़िम्मेदारी आती है मीरा पे। पर उसे अंदाज़ा भी नहीं है कि ये उसके लिए काफ़ी  लंबी होने वाली है। मीरा के लिए उस घायल औरत का दर्द कितना अपना सा लगता है? कैसे मीरा उस महिला में अपना अक्स देख पाती है? इन्हीं संवेदनाओं से भरी कहानी को शुभम अरोड़ा ने अपने शब्दों में उतारा है.

आपकी कहानी दिसम्बर की वह रात ’ हॉरर कहानी प्रतियोगिता की विजेता कहानी है, इसके बारे में थोड़ा विस्तार से बताएं.

जैसा कि कहानी के नाम से पता चलता है कि दिसंबर कि वह रात  एक रात की कहानी है। शहर में तूफ़ान आया है, बर्फ़ गिर रही है और कहीं दूर वीराने में किसी को मदद की ज़रूरत है। पर क्या यह वाक़ई में मदद की एक पुकार है या न्योता है किसी गुप्त शक्ति का। कहानी की रात लंबी है और इसी रात की घटनाएं कुछ ऐसी हैं जो मुझे उम्मीद है कि पाठकों को रोमांचित करेंगी।

इस कहानी को लिखने के पीछे आपकी वजह  क्या रही ?

देखिए एक हॉरर कहानी का मुख्य तत्व होता है उसके पीछे का रहस्य। ज़्यादातर कहानियों में शुरू में ही आपको एहसास हो जाता है कि कहानी में प्रतिपक्षी कौन है या क्या है। पर इस कहानी में मेरी कोशिश यह थी कि कैसे पाठक के लिए शब्दों से ऐसा माहौल बनाया जाए कि कहानी के पात्रों से ज़्यादा ध्यान कहानी की पृष्ठभूमि पर आए। दरअसल यह कहानी मैंने पहले अंग्रेज़ी में लिखी थी पर मुझे बाद में लगा कि शायद हिंदी इस कहानी को बताने का बेहतर माध्यम थी।

क्या एक लेखक के तौर पर क्या आप कोई ख़ास नियम फोलो करते हैं ?

मेरा एक नज़रिया है कि एक लेखक को तभी लिखना चाहिए जब लेखक के पास लिखने की प्रेरणा हो। जब आप प्रेरित होते हैं तो लिखना भी आसान होता है और आपकी कल्पना की सीमाएं भी अलग हो जाती हैं। हर लेखक का अलग तरीक़ा है। अनुशासन ज़रूरी है, पर सिर्फ़ अनुशासन ही सब कुछ नहीं है।

एक लेखक बनने के लिए आपको प्रेरणा कहाँ से मिली ?

किताबों से बेहतर कोई प्रेरणा भला हो सकती है ? अगर एक अच्छी किताब है तो आप उस लेखक जैसा लिखना चाहेंगे। अगर एक बुरी किताब है तो आप उस लेखक से बेहतर करना चाहेंगे। कहानियां वैसे हर किसी के पास होती हैं पर उनको बताने की लालसा ही तो एक लेखक की परम सिद्धि होती है। दिसंबर की वह रात से पहले मैं दो अंग्रेज़ी नॉवेल प्रकाशित कर चुका हूं पर हर नई कहानी को बताने की इच्छा हमेशा नई रहती है और अंत में वही असली प्रेरणा होती है।

दिसम्बर  की वह रात , में एक महिला के किरदार को जीना कितना मुश्किल था ?

दरअसल मुश्किल नहीं था। जैसा मैंने कहा कि कहानी की पृष्ठभूमि ही इस कहानी का मुख्य किरदार है। कहानी की ज़रूरत थी कि कहानी एक महिला किरदार के तहत लिखी जाए पर एक लघु कहानी होने के कारण उस किरदार को उतनी गहराई में जीने की शायद ज़रूरत नहीं थी और इसलिए यह इतना मुश्किल नहीं लगा।

आपकी अपने द्वारा लिखी गई पसंदीदा रचना कौन सी है और क्यों ?

मेरी सबसे प्रिय रचना मेरी पूर्व में प्रकाशित किताबें है क्यूंकि किसी भी किताब को लिखने के लिए आपको ख़ुद में विश्वास होना ज़रूरी है। लेखन के साथ अकेलापन जोड़ीदार के रूप में आता है और इस जोड़ीदार को लंबे समय तक अपने साथ टांगे रखना काफी महत्वपूर्ण काम है। हर लेखक अपनी किताब पर काफ़ी समय बिताता है और इसके कारण कभी कभी उसका बाहरी दुनिया से नाता थोड़ा कमज़ोर पड़ जाता है। तो इसलिए मेरे परिश्रम की उपज जो मेरी लिखी हुई किताबें हैं वह हमेशा मेरी पसंदीदा रहेंगी।

क्या आप अपने पाठकों को कोई सलाह देना चाहेंगे ?

डिजिटल युग में जब किताबों से कहानियों से मुक़ाबले के लिए फेसबुक, ट्विटर, नेटफ्लिक्स मौजूद है, वहां एक पाठक का लगातार पढ़ते रहना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है। अगर आप किताबें पढ़ते हैं तो यह आदत जारी रखिए और अपने संगी साथियों को भी प्रेरित कीजिए।

कोई ऐसा लेखक जो आपका पसंदीदा है और क्यों ?

स्टीफन किंग और रे ब्रेडबरी। इन दोनों की कहानियां सालों बाद भी नई सी लगती हैं और हर कहानी में लिखने के नज़रिए से कुछ सीखने को मिलता है। दोनों ही काफ़ी जाने हुए लेखक हैं और कहने कि भी ज़रूरत नहीं है कि इनकी कहानियां और किताबें रोमांचक और लाजवाब हैं।

शुभम अरोड़ा की  दिसम्बर की वह रात पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

 

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